BhojpuriApp

20,000 से ज्यादा कैश उधार लिया तो लगेगा 100% जुर्माना – जानिए नया नियम

कभी कभी जरूरत ऐसी आ जाती है कि बैंकिंग चैनल्स का इंतजार नहीं कर सकते। आप सीधे दोस्त या रिश्तेदार से फोन करके तुरंत 25000 या 50000 कैश में उधार ले लेते हो कुछ दिनों में लौटा दूंगा। लेकिन क्या आपने सोचा है कि इससे आपको बाद में भारी परेशानियाँ हो सकती हैं?

14 अगस्त 2025 को एक महत्वपूर्ण लेख लाइवमिंट पर प्रकाशित हुआ जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि दोस्त या परिवार से 20000 से अधिक कैश में लेना या चुकाना दोनों पर आप एक सौ प्रतिशत पेनल्टी के लिए लाचार हो सकते हैं।

अब चलिए इस पेनल्टी का कानून क्या कहता है क्या बचाव संभव है और हम रोजमर्रा की जरूरतों में कैसे इसे एंटी कैश फॉर्म में ला सकते हैं इन सब पर विस्तार से जानते हैं।

 1. कैश लोन और आयकर नियम क्या कहता है कानून

1.1 सेक्शन 269SS कैश में 20000 से अधिक लेना मना है

यदि आप किसी से 20000 या उससे अधिक उधार कैश में लेते हैं चाहे वह दोस्त हो या रिश्तेदार आप कानून की सीमा लांघ रहे हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 269SS के तहत यह सख्त मना है।

1.2 सेक्शन 269T वही सीमा वापसी पर भी लागू

उधार वापस करते समय भी यदि आप 20000 या अधिक कैश में लौटाते हैं तो धारा 269T के तहत ऐसा करना भी मना है और उस पर पेनल्टी लग सकती है।

1.3 100 प्रतिशत पेनल्टी धारा 271DA

सबसे चौंकाने वाली बात धारा 271DA के मुताबिक यदि आप इन नियमों का उल्लंघन करते हैं तो जुर्माना उसी राशि के बराबर लगाया जा सकता है जो आपने कैश में लिया या लौटाया। मतलब 1.2 लाख उधार लिया तो 1.2 लाख जुर्माना।

1.4 सेक्शन 269ST एक ही दिन में 2 लाख कैश लेना मना

यदि आप एक दिन में किसी से 2 लाख या उससे अधिक कैश लेते हैं तो धारा 269ST के अन्तर्गत पेनल्टी लगेगी और वह भी 100 प्रतिशत राशि तक।

 1.5 टैक्स मामलों में और भी कई कैश पाबंदियाँ

A. बिजनेस में किसी को एक दिन में 10000 से ज्यादा कैश देने पर वह खर्च डिडक्शन के लिए योग्य नहीं माना जाएगा
B. 2000 से अधिक कैश में डोनेशन देने पर सेक्शन 80G का टैक्स बेनेफिट रोक दिया जाएगा
C. हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कैश में देने पर सिवाय 5000 तक प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के टैक्स बेनेफिट नहीं मिलेगा
D. बैंक से यदि सालाना 1 करोड़ से ज्यादा कैश निकाला गया तो 2 प्रतिशत TDS कटेगा
E. यदि पिछले 3 साल ITR फाइल नहीं किए गए हों तो 20 लाख से अधिक कैश निकासी पर 5 प्रतिशत TDS रहेगा

2. क्यों बने ये नियम और क्या सच में जरूरत है
2.1 कालेधन पर लगाम और ट्रैसेबिलिटी
कैश ट्रांजेक्शन की पाबंदी का बड़ा उद्देश्य है कालेधन और टैक्स चोरों पर लगाम लगाना। बैंकिंग चैनल्स से पैसे ट्रांसफर कर सही रिकॉर्ड बना रहता है जिससे ट्रैक रखना आसान होता है।

2.2 ट्रांजेक्शन की पारदर्शिता

आप कितनी बार दोस्तों रिश्तेदारों के साथ बस ले लिए लौटा दूंगा बोलकर पैसे ले लेते हो। अगर कानून में कैश पर रोक नहीं होती तो काम चल जाता और रिकॉर्ड नहीं रह जाता जो टैक्स अधिकारियों को डराता है।

3. इस समस्या से कैसे बचा जाए 

धारा 269SS और 269T जैसी धाराएँ लोगों को रोकने पर लगी हैं कि ये आदतें रुकें खासकर जब जरूरत में होती है तो चेक कर देता हूँ जैसे व्यवहार को अपनाने लगते हैं।

 3. क्या बचाव है क्या कोई रास्ता है

3.1 आसान और असरदार तरीका बैंक UPI चेक

यदि आपको बड़ी रकम तुरंत चाहिए तो दोस्त से कहें यू पी आई या बैंक अकाउंट पर ट्रांसफर कर दो मैं वापस उसी तरीके से कर दूंगा। इससे आप पूरी तरह कानून के दायरे में रहेंगे और रिकॉर्ड भी मिलेगा।

3.2 रिकॉर्ड रखें प्रूफ और ट्रांजेक्शन

A. बैंक अथवा UPI स्क्रीनशॉट
B. चैट्स या मैसेज जहां लिखा हो हाँ मैं 50000 उधार ले रहा हूँ
C. अस्पताल या इमरजेंसी की स्थिति में संबंधित बिल या डॉक्यूमेंट

3.3 इमरजेंसी में भी दस्तावेज संभालें

A. तुरंत अगले दिन बैंक ट्रांसफर करो और रिकॉर्ड संभाल कर रखो
B. लिखित में मेल मैसेज बिल टैक्स दस्तावेज आदि रखें ताकि बाद में कह सकें यह इमरजेंसी थी

3.4 सलाह CA या टैक्स एक्सपर्ट से संपर्क

यदि आपको संदेह है तो एक CA या टैक्स कंसल्टेंट से तुरंत सलाह लें।

4. इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं

राहुल ने दोस्त से 1.2 लाख कैश उधार लिया इमरजेंसी में। उसने सोचा यह निजी मामला है लेकिन टैक्स नियमों के अनुसार यह Section 269SS का उल्लंघन है। धारा 271DA के तहत उसे 1.2 लाख जुर्माना भरना पड़ा पूरी राशि penalty के रूप में।

अगर वही लेनदेन बैंक ट्रांसफर में होता तो राहुल बच जाता टैक्स रिकॉर्ड साफ रहता और भविष्य में कोई परेशानी नहीं होती।

 5. छोटे सुझाव कैश ट्रांजेक्शन में बचने के लिए

A. दोस्त से तुरंत 30000 चाहिए तो कहें UPI कर दो मैं तुरंत वापस कर दूंगा
B. यदि ATM या बैंक डाउन हो तो कैश लें लेकिन अगले दिन बैंक ट्रांसफर कर दें और प्रूफ रखें
C. परिवार से उधार लेना हो तो लिखित रूप में या बैंक चैनल से कराएं
D. टैक्स बेनेफिट चाहिए तो हमेशा बैंक UPI चेक के माध्यम से भुगतान करें
E. दस्तावेज बनाकर रखना है तो स्क्रीनशॉट मैसेज बिल ट्रांजेक्शन आईडी बचाकर रखें

 6. निष्कर्ष

दोस्त या रिश्तेदार से पैसे लेना तो हल्की बात है यह सोच अब कानूनी नियमों में बाधित हो चुकी है।

A. 20000 से अधिक कैश लेना धारा 269SS के तहत दोषपूर्ण है
B. 20000 से ऊपर कैश लौटाना धारा 269T के तहत भी दोषपूर्ण है
C. उल्लंघन पर 100 प्रतिशत पेनल्टी धारा 271DA के तहत लगेगी
D. अन्य कैश प्रतिबंध भी टैक्स बेनेफिट को प्रभावित करते हैं
E. बैंक UPI चेक को अपनाएँ यह सबसे सुरक्षित तरीका है
F. दस्तावेज रखें इमरजेंसी में भी
G. संदेह हो तो CA से सलाह लें

थोड़ी निजी बात

हम अक्सर छोटे छोटे मामलों में सीखते सीखते आगे बढ़ते हैं थोड़ा दोस्त से लिया जल्दी चुका दूँगा जैसे वाक्यांश रोजमर्रा में होते हैं। लेकिन कानून में छोटी भूलें भी बहुत बड़ा असर डाल सकती हैं। इसलिए थोड़ी सावधानी और थोड़ा अनुमान ही हमें बड़े संकट से बचा सकता है।

कैश ट्रांजेक्शन सरल और व्यक्तिगत लगते हैं लेकिन ये कानून के नजरिए से हाथ की लकीर से भी ज्यादा गहरी हो सकती है। इसलिए जब भी कोई कैश आदान प्रदान हो थोड़ा सोचिए थोड़ा देखिए और जितना हो सके बैंक या डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करिए।

Written by - Shekh Mohammad

Likes (0) comments ( 0 )
2025-08-20 10:13:46

Please login to add a comment.


No comments yet.